सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का महासैलाब, 30 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में पुण्य की डुबकी
A massive surge of faith witnessed in Haridwar
हरिद्वार। A massive surge of faith witnessed in Haridwar, अधिकमास की सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धा, आस्था का सैलाब उमड़ा।
हरकी पैड़ी सहित विभिन्न गंगा घाटों पर भोर से ही श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर सुख, समृद्धि, शांति और मोक्ष की कामना की। सुबह से लेकर देर शाम तक करीब 30 लाख श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पावन सलिला में पुण्य की डुबकी लगाई।

आस्था के सैलाब की स्थिति यह रही कि कि हजारों की संख्या में श्रद्धालु रविवार की रात को हरकी पैड़ी पहुंच गए थे।
सोमवती स्नान पर्व पर दिन भर गंगा तटों पर हर-हर गंगे और जय मां गंगे के जयकारे गूंजते रहे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है।

इस दिन गंगा स्नान, दान और पितृ तर्पण का विशेष महत्व माना गया है। अधिकमास में पड़ने के कारण इस बार का संयोग और भी दुर्लभ तथा पुण्यदायी माना जा रहा है।
ज्योतिषाचार्य पंडित डॉ चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने बताया कि सभी अमावस्याएं पुण्यदायी एवं पितरों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं, लेकिन सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
नारायणीशिला के मुख्य तीर्थ पुरोहित मनोज त्रिपाठी ने बताया कि शास्त्रों में वर्णित है कि सोमवती अमावस्या पर हर की पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड, कुंभ क्षेत्र अथवा किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने से व्यक्ति को सैकड़ों और हजारों अश्वमेध यज्ञों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।

जो लोग किसी कारणवश तीर्थस्थलों तक नहीं पहुंच सकते, वे घर पर ही पवित्र नदियों का स्मरण कर स्नान और पूजा-अर्चना करें तो उन्हें भी विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
उनके अनुसार इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण और दान करने से पितरों की आत्मा तृप्त होती है तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। अधिकमास में पड़ रही यह सोमवती अमावस्या विशेष आध्यात्मिक लाभ प्रदान करने वाली मानी गई है।

श्रद्धालुओं ने बताई गंगा स्नान की महिमा
सोमवती स्नान के लिए श्रद्धालु उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश समेत देश के विभिन्न राज्यों से धर्मनगरी पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के साथ पितरों के निमित्त तर्पण, पूजा-अर्चना और दान-पुण्य कर पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना की।
हर की पैड़ी पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि इस अवसर पर किए गए स्नान और दान से पितरों को शांति मिलती है तथा व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।

चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे सुरक्षाकर्मी
सोमवाती स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने पहले ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था कर दी थी। मेला क्षेत्र को छह सुपर जोन, 16 जोन और 46 सेक्टरों में विभाजित कर अधिकारियों, पुलिसकर्मियों तथा सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
हरकी पैड़ी और प्रमुख घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है, जबकि सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार निगरानी रखी गई।
अधिकारियों की ड्यूटी सोमवती स्नान पर्व में होने के कारण जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने प्रत्येक सोमवार को होने वाली जनसुनवाई को भी स्थगित रखा।